न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुकमा
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sun, 04 Apr 2021 10:22 AM IST

नक्सली हमले में पांच जवान हुए थे शहीद, 15 लापता
– फोटो : ANI

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छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर सीमावर्ती इलाके में शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए थे और 30 जवान घायल हो गए थे। वहीं ताजा जानकारी के मुताबिक इस मुठभेड़ में 21 जवानों के लापता होने की खबर है, जिनमें से सात जवान सीआरपीएफ के हैं। 

इधर गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात की है और सीआरपीएफ के महानिदेशक को घटनास्थल पर जाने के लिए कहा। वहीं सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। शहीद हुए पांच जवानों में से दो जवानों के शवों को बरामद कर लिया गया है।

वहीं पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव भी बरामद हुआ है। इस हमले में घायल हुए 23 जवानों को बीजापुर के अस्पताल में भर्ती किया गया है तो वहीं सात जवान रायपुर के अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।

शहीद जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा देश : गृह मंत्री
इस नक्सली हमले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों को मेरा नमन है। देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। शांति और विकास के दुश्मनों के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी। 
 

राज्य के नक्सल विरोधी अभियान के पुलिस उप महानिरीक्षक ओपी पाल ने बताया कि शुक्रवार की रात बीजापुर और सुकमा जिले से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन, डीआरजी और एसटीएफ के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में बीजापुर जिले के तर्रेम, उसूर और पामेड़ से तथा सुकमा जिले के मिनपा और नरसापुरम से लगभग दो हजार जवान शामिल थे।

पाल ने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान, बस्तरिया बटालियन के दो जवानों तथा डीआरजी के दो जवानों (कुल पांच जवानों) की मृत्यु हुई है। इस दौरान 30 जवान घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुठभेड़ में पांच जवानों की शहादत पर दुख व्यक्त किया है।

जवानों को हमले का पहले से अंदेशा था
ऐसा माना जा रहा है कि जवानों को नक्सलियों के हमले का पहले से अंदेशा था, इसलिए नक्सल विरोधी अभियान में दो हजार जवानों को शामिल किया गया था। बीजापुर-सुकमा जिले का सरहदी इलाका जोनागुड़ा नक्सलियों का मुख्य इलाका है। यहां नक्सलियों की पूरी बटालियन और कई प्लाटून हमेशा तैनात रहती हैं। इस पूरे इलाके की कमान महिला नक्सली सुजाता के हाथों में है। 

ट्रैक्टर में साथियों के शव ले गए थे नक्सली
पुलिस महानिरीक्षक पी सुंदरराज ने कहा कि ये मुठभेड़ करीब दो-तीन घंटे चली। पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, नक्सली दो ट्रैक्टरों में शवों को ले गए थे। 

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छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर सीमावर्ती इलाके में शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए थे और 30 जवान घायल हो गए थे। वहीं ताजा जानकारी के मुताबिक इस मुठभेड़ में 21 जवानों के लापता होने की खबर है, जिनमें से सात जवान सीआरपीएफ के हैं। 

इधर गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात की है और सीआरपीएफ के महानिदेशक को घटनास्थल पर जाने के लिए कहा। वहीं सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। शहीद हुए पांच जवानों में से दो जवानों के शवों को बरामद कर लिया गया है।

वहीं पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव भी बरामद हुआ है। इस हमले में घायल हुए 23 जवानों को बीजापुर के अस्पताल में भर्ती किया गया है तो वहीं सात जवान रायपुर के अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।

शहीद जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा देश : गृह मंत्री

इस नक्सली हमले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों को मेरा नमन है। देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। शांति और विकास के दुश्मनों के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी। 

 


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नक्सल विरोधी अभियान में दो हजार जवान शामिल 





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