At Least 8 Covid Patients Died Due To Mucormycosis Or Black Fugus In Maharashtra – महाराष्ट्र: कम से कम आठ कोरोना मरीजों की ‘ब्लैक फंगस’ से मौत, 200 का चल रहा इलाज

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At Least 8 Covid Patients Died Due To Mucormycosis Or Black Fugus In Maharashtra – महाराष्ट्र: कम से कम आठ कोरोना मरीजों की ‘ब्लैक फंगस’ से मौत, 200 का चल रहा इलाज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 08 May 2021 08:45 PM IST

सार

ब्लैक फंगस या म्यूकॉरमाइकोसिस एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी की वजह से नाक, कान और गले के अलावा शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचता है। यह बीमारी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से होती है।

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : पीटीआई (फाइल)

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महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के बीच अब म्यूकॉरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ रहा है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि राज्य में म्यूकॉरमाइकोसिस की वजह से कोरोना संक्रमण से ठीक हुए कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है और ऐसे 200 मरीजों का इलाज चल रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार ब्लैक फंगस या म्यूकॉरमाइकोसिस एक गंभीर बीमारी है, लेकिन यह कोई नई बीमारी नहीं है। इस बीमारी की वजह से नाक, कान और गले के अलावा शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचता है। यह बीमारी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से होती है।

केंद्र ने ब्लैक फंगस को लेकर कही थी ये बात
कोविड-19 के मरीजों के बीच म्यूकॉरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस की खबरों पर नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि यह प्राकृतिक है और म्यूकॉरमाइकोसिस व कोरोना के बीच कुछ खास संबंध नहीं है। उन्होंने कहा था कि म्यूकॉरमाइकोसिस संक्रमण केवल उन लोगों को प्रभावित करता है जिनके रक्त में शुगर का स्तर अधिक होता है। उन्होंने कहा था कि निगरानी की जा रही है और म्यूकोरमाइकोसिस का उपचार उपलब्ध है।

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल इस जानलेवा संक्रमण के कारण कई रोगियों की आंखों की रोशनी कम हो गई थी या चली गई थी और नाक और जबड़े की हड्डियों को नुकसान पहुंचा था। डॉक्टरों का कहना है कि यह संक्रमण आमतौर पर उन मरीजों में देखा जा रहा है जो रिकवरी स्टेज पर हैं, लेकिन उन्हें मधुमेह, किडनी, कैंसर या हार्ट फेल्योर जैसी बीमारियां हैं। बता दें कि दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

विस्तार

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के बीच अब म्यूकॉरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ रहा है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि राज्य में म्यूकॉरमाइकोसिस की वजह से कोरोना संक्रमण से ठीक हुए कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है और ऐसे 200 मरीजों का इलाज चल रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार ब्लैक फंगस या म्यूकॉरमाइकोसिस एक गंभीर बीमारी है, लेकिन यह कोई नई बीमारी नहीं है। इस बीमारी की वजह से नाक, कान और गले के अलावा शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचता है। यह बीमारी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से होती है।

 

केंद्र ने ब्लैक फंगस को लेकर कही थी ये बात

कोविड-19 के मरीजों के बीच म्यूकॉरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस की खबरों पर नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि यह प्राकृतिक है और म्यूकॉरमाइकोसिस व कोरोना के बीच कुछ खास संबंध नहीं है। उन्होंने कहा था कि म्यूकॉरमाइकोसिस संक्रमण केवल उन लोगों को प्रभावित करता है जिनके रक्त में शुगर का स्तर अधिक होता है। उन्होंने कहा था कि निगरानी की जा रही है और म्यूकोरमाइकोसिस का उपचार उपलब्ध है।

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल इस जानलेवा संक्रमण के कारण कई रोगियों की आंखों की रोशनी कम हो गई थी या चली गई थी और नाक और जबड़े की हड्डियों को नुकसान पहुंचा था। डॉक्टरों का कहना है कि यह संक्रमण आमतौर पर उन मरीजों में देखा जा रहा है जो रिकवरी स्टेज पर हैं, लेकिन उन्हें मधुमेह, किडनी, कैंसर या हार्ट फेल्योर जैसी बीमारियां हैं। बता दें कि दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

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