Bangladesh: Ruling Get together Awami League Says Concern Of Hindus Has To Be Eliminated, Slogan Of Cease Communal Violence In Rally – बांग्लादेश : सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग ने कहा- हिंदुओं के डर को हटाना ही होगा, रैली में सांप्रदायिक हिंसा बंद करो का लगाया नारा 

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सार

बांग्लादेश में अवामी लीग पार्टी ने  बुधवार को राजधानी ढाका सहित कई शहरों में रैलियां निकालीं और हिंसा रोकने की अपील की। रैलियों में पार्टी की महिला समर्थकों ने भी हिस्सा लिया। अवामी लीग के सांसद और संयुक्त महासचिव महबूब आलम हनीफ ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता आगामी दो सप्ताह तक पूरे देश में सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर रैलियां निकालेंगे।

बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना
– फोटो : पीटीआई

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बांग्लादेश में पिछले दिनों सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह से फैली हिंसा को लेकर पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। इसी कड़ी में देश की सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग ने सांप्रदायिक हिंसा बंद करो का नारा लगाते हुए अल्पसंख्यक हिंदुओं के समर्थन में रैली निकाली। मंगलवार शाम के बाद बुधवार को भी देश के कई हिस्सों में रैलियां निकालकर पार्टी समर्थकों ने कहा, हिंदुओं के डर को हटाना ही होगा।

देशभर में सत्तारूढ़ पार्टी समर्थकों ने रैली निकालकर की सांप्रदायिक हिंसा बंद करने की अपील
बांग्लादेश अवामी लीग के सांसद और संयुक्त महासचिव महबूब आलम हनीफ ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता आगामी दो सप्ताह तक पूरे देश में सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर रैलियां निकालेंगे। बुधवार को पार्टी ने राजधानी ढाका, सिलहट, खुलना, जेसोर, दिनाजपुर और चित्तगंज में रैलियां निकालीं और हिंसा रोकने की अपील की। रैलियों में पार्टी की महिला समर्थकों ने भी हिस्सा लिया।

उन्होंने हाथों में ‘सांप्रदायिक दुष्टता बंद करने’, ‘अपने बच्चों को प्रेम सिखाने’ जैसे बैनर और पोस्टर ले रखे थे। मानवाधिकार समूह इमनेस्टी इंटरनेशनल ने दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। इस बीच, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दोहराया कि हिंसा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि पिछले बुधवार से अब तक देश में छिड़ी सांप्रदायिक हिंसा में छह लोग मारे गए जबकि दर्जनों घर नष्ट कर दिए गए।

धार्मिक आजादी के लिए नया कानून बनाएं
देश भर में प्रदर्शनकारियों और शिक्षाविदों ने हिंदू समुदाय पर भीड़ के हमलों और मंदिरों व मूर्तियों में तोड़फोड़ की निंदा की। उन्होंने सरकार से मांग की है कि देश में धार्मिक आजादी के लिए एक नया कानून बनाया जाना चाहिए। ढाका विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के सौ से ज्यादा शिक्षकों ने हिंसा की निंदा की और धार्मिक सुरक्षा की मांग पर मानव श्रंखला भी बनाई। विवि के कुलपति एम. अख्तरुज्जमां ने कहा, दुर्गा पूजा पूरी दुनिया के लिए धर्मनिरपेक्षता का मॉडल है। ऐसे में सांप्रदायिकता बढ़ना शर्मनाक है। नोआखली साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति एम. वहीदुज्जमां ने सरकार से प्रभावी कानून बनाने की मांग की।

अमेरिका की संवेदना हिंदू समुदाय के साथ : विदेश मंत्रालय
अमेरिका ने एक बार फिर बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के मंदिरों और प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए गहन जांच की अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, हम दुर्गा पूजा पर हिंदू मंदिरों में हुए हिंसक हमलों की भर्त्सना करते हैं। हमारी संवेदनाएं हिंदू समुदाय के लोगों के साथ हैं और हम अधिकारियों से मामलों की पूरी जांच का अनुरोध करते है। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश की स्थायी प्रतिनिधि रबाब फातिमा ने अपने देश में हिंदुओं पर हाल में हुए जघन्य हमलों की निंदा की और कहा कि सरकार हमलावरों को न्याय के दायरे में लाना सुनिश्चित करेगी।

अंदरूनी मामलों में दखल न दें : गृहमंत्री
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों के बीच गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने कहा कि यह हमारा अंदरूनी मामला है और जिस तरह देश दूसरे देशों के मामले में दखल नहीं देता उसी प्रकार किसी और को भी इस मामले में नहीं बोलना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें भरोसा है कि हम जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर पाएंगे। हमने स्थिति से निपटने के लिए कड़ी कार्रवाई की है और जांच भी चल रही है। मैं आश्वस्त करता हूं कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

पंथनिरपेक्षता के सिद्धांत का समर्थन
बांग्लादेश में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बताया कि देश का संविधान इस्लाम को धार्मिक देश का दर्जा जरूर देता है लेकिन पंथनिरपेक्षता के सिद्धांत का समर्थन भी करता है। ऐसे में देश के भीतर हिंसा करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होना चाहिए। बता दें कि बांग्लादेश की करीब 17 करोड़ की आबादी में हिंदुओं की जनसंख्या 10 फीसदी है।

विस्तार

बांग्लादेश में पिछले दिनों सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह से फैली हिंसा को लेकर पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। इसी कड़ी में देश की सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग ने सांप्रदायिक हिंसा बंद करो का नारा लगाते हुए अल्पसंख्यक हिंदुओं के समर्थन में रैली निकाली। मंगलवार शाम के बाद बुधवार को भी देश के कई हिस्सों में रैलियां निकालकर पार्टी समर्थकों ने कहा, हिंदुओं के डर को हटाना ही होगा।

देशभर में सत्तारूढ़ पार्टी समर्थकों ने रैली निकालकर की सांप्रदायिक हिंसा बंद करने की अपील

बांग्लादेश अवामी लीग के सांसद और संयुक्त महासचिव महबूब आलम हनीफ ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता आगामी दो सप्ताह तक पूरे देश में सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर रैलियां निकालेंगे। बुधवार को पार्टी ने राजधानी ढाका, सिलहट, खुलना, जेसोर, दिनाजपुर और चित्तगंज में रैलियां निकालीं और हिंसा रोकने की अपील की। रैलियों में पार्टी की महिला समर्थकों ने भी हिस्सा लिया।

उन्होंने हाथों में ‘सांप्रदायिक दुष्टता बंद करने’, ‘अपने बच्चों को प्रेम सिखाने’ जैसे बैनर और पोस्टर ले रखे थे। मानवाधिकार समूह इमनेस्टी इंटरनेशनल ने दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। इस बीच, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दोहराया कि हिंसा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि पिछले बुधवार से अब तक देश में छिड़ी सांप्रदायिक हिंसा में छह लोग मारे गए जबकि दर्जनों घर नष्ट कर दिए गए।

धार्मिक आजादी के लिए नया कानून बनाएं

देश भर में प्रदर्शनकारियों और शिक्षाविदों ने हिंदू समुदाय पर भीड़ के हमलों और मंदिरों व मूर्तियों में तोड़फोड़ की निंदा की। उन्होंने सरकार से मांग की है कि देश में धार्मिक आजादी के लिए एक नया कानून बनाया जाना चाहिए। ढाका विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के सौ से ज्यादा शिक्षकों ने हिंसा की निंदा की और धार्मिक सुरक्षा की मांग पर मानव श्रंखला भी बनाई। विवि के कुलपति एम. अख्तरुज्जमां ने कहा, दुर्गा पूजा पूरी दुनिया के लिए धर्मनिरपेक्षता का मॉडल है। ऐसे में सांप्रदायिकता बढ़ना शर्मनाक है। नोआखली साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति एम. वहीदुज्जमां ने सरकार से प्रभावी कानून बनाने की मांग की।

अमेरिका की संवेदना हिंदू समुदाय के साथ : विदेश मंत्रालय

अमेरिका ने एक बार फिर बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के मंदिरों और प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए गहन जांच की अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, हम दुर्गा पूजा पर हिंदू मंदिरों में हुए हिंसक हमलों की भर्त्सना करते हैं। हमारी संवेदनाएं हिंदू समुदाय के लोगों के साथ हैं और हम अधिकारियों से मामलों की पूरी जांच का अनुरोध करते है। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश की स्थायी प्रतिनिधि रबाब फातिमा ने अपने देश में हिंदुओं पर हाल में हुए जघन्य हमलों की निंदा की और कहा कि सरकार हमलावरों को न्याय के दायरे में लाना सुनिश्चित करेगी।

अंदरूनी मामलों में दखल न दें : गृहमंत्री

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों के बीच गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने कहा कि यह हमारा अंदरूनी मामला है और जिस तरह देश दूसरे देशों के मामले में दखल नहीं देता उसी प्रकार किसी और को भी इस मामले में नहीं बोलना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें भरोसा है कि हम जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर पाएंगे। हमने स्थिति से निपटने के लिए कड़ी कार्रवाई की है और जांच भी चल रही है। मैं आश्वस्त करता हूं कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

पंथनिरपेक्षता के सिद्धांत का समर्थन

बांग्लादेश में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बताया कि देश का संविधान इस्लाम को धार्मिक देश का दर्जा जरूर देता है लेकिन पंथनिरपेक्षता के सिद्धांत का समर्थन भी करता है। ऐसे में देश के भीतर हिंसा करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होना चाहिए। बता दें कि बांग्लादेश की करीब 17 करोड़ की आबादी में हिंदुओं की जनसंख्या 10 फीसदी है।



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