Rbi Decision Banks Will Have To Pay Fine If Atm Went Out Of Currency From October – आरबीआई का फैसला: एटीएम से खत्म हुए पैसे तो बैंकों को भरना होगा जुर्माना, ऐसी होगी व्यवस्था

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बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 11 Aug 2021 12:05 AM IST

सार

एटीएम में पैसे न मिलने की शिकायत करने वालों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का का नया फैसला राहत लेकर आया है। आरबीआई ने मंगलवार को निर्णय लिया कि उन एटीएम पर मौद्रिक शुल्क लगाया जाएगा जिनमें रुपये नहीं होंगे। यह व्यवस्था एक अक्तूबर 2021 से शुरू होगी। 

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : पिक्साबे

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आरबीआई ने फैसला किया है कि एटीएम में समय पर रुपये नहीं डालने वाले बैंकों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगााया जाएगा। यह कदम एटीएम में नकदी न होने के चलते लोगों को होने वाली दिक्कतों को दूर कर सकता है। आरबीआई ने कहा है कि किसी एक महीने में एटीएम में अगर 10 घंटे से अधिक समय तक नकदी नहीं रहती है तो संबंधित बैंक पर जुर्माना लगाया जाएगा। 

इस संबंध में जारी एक परिपत्र में आरबीआई ने कहा कि एटीएम में नकदी नहीं डालने को लेकर जुर्माना लगाने की व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों की सुविधा के लिए इन मशीनों में पर्याप्त मात्रा में राशि उपलब्ध हो। किसी भी एटीएम में अगर महीने में 10 घंटे से अधिक समय तक नकदी मौजूद नहीं रहती है तो संबंधित बैंक पर प्रति एटीएम 10,000 रुपये जुर्माना लगेगा।

रिजर्व बैंक ने कहा कि यह निर्णय इसलिए किया गया है जिससे बैंक या व्हाइटलेबल एटीएम संचालक और सुनिश्चित करेंगे कि एटीएम में नकदी समय पर डाली जाए और लोगों को परेशानी न हो। व्हाइट लेबल एटीएम के मामले में जुर्माना उस बैंक पर लगाया जाएगा, जो संबंधित एटीएम में नकदी की आपूर्ति पूरा करता है। बता दें कि व्हाइट लेबल एटीएम का संचालन गैर-बैंक कंपनियां करती हैं।

विस्तार

आरबीआई ने फैसला किया है कि एटीएम में समय पर रुपये नहीं डालने वाले बैंकों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगााया जाएगा। यह कदम एटीएम में नकदी न होने के चलते लोगों को होने वाली दिक्कतों को दूर कर सकता है। आरबीआई ने कहा है कि किसी एक महीने में एटीएम में अगर 10 घंटे से अधिक समय तक नकदी नहीं रहती है तो संबंधित बैंक पर जुर्माना लगाया जाएगा। 

इस संबंध में जारी एक परिपत्र में आरबीआई ने कहा कि एटीएम में नकदी नहीं डालने को लेकर जुर्माना लगाने की व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों की सुविधा के लिए इन मशीनों में पर्याप्त मात्रा में राशि उपलब्ध हो। किसी भी एटीएम में अगर महीने में 10 घंटे से अधिक समय तक नकदी मौजूद नहीं रहती है तो संबंधित बैंक पर प्रति एटीएम 10,000 रुपये जुर्माना लगेगा।

रिजर्व बैंक ने कहा कि यह निर्णय इसलिए किया गया है जिससे बैंक या व्हाइटलेबल एटीएम संचालक और सुनिश्चित करेंगे कि एटीएम में नकदी समय पर डाली जाए और लोगों को परेशानी न हो। व्हाइट लेबल एटीएम के मामले में जुर्माना उस बैंक पर लगाया जाएगा, जो संबंधित एटीएम में नकदी की आपूर्ति पूरा करता है। बता दें कि व्हाइट लेबल एटीएम का संचालन गैर-बैंक कंपनियां करती हैं।



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