Secret of lengthy and wholesome life is hidden in your character consultants nav – आपकी पर्सनालिटी में छिपा है लंबी और सेहतमंद जिंदगी राज

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Secret of Lengthy and Wholesome Life : हर कोई ये चाहता है कि उसकी फिजिकल फिटनेस ऐसी हो कि वो अपनी असली उम्र से कुछ साल छोटा ही दिखाई दे. साधारण भाषा में अगर कहें तो हर इंसान हमेशा यंग रहना चाहता है. इसीलिए तो जब भी उम्र बढ़ने के प्रोसेस को धीमा करने के उपायों के बारे में बात की जाती है, तो हमेशा एक्सरसाइज और खानपान पर ही अधिक ध्यान देने को कहा जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अच्छी सेहत और लंबी जिंदगी केवल खानपान और व्यायाम पर ही निर्भर नहीं करती है, बल्कि इसमें व्यक्तित्व मतलब पर्सनालिटी या पर्सोना (Persona/Character) का भी अहम रोल होता है. दैनिक भास्कर अखबार में छपी न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक हाल में हुई रिसर्च से पता चला है कि व्यक्तित्व के कई गुण ये तय करते हैं कि उम्र के 80 साल के बाद भी बेहतर सेहत का फायदा कौन उठाएगा. इस न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि व्यक्तित्व और लंबी उम्र के बीच कड़ी उतनी ही मजबूत है जितनी कि बुद्धिमत्ता और मौजूद संपत्ति (intelligence and wealth) की. दोनों का ही संबंध लंबी उम्र से है.

आपको बताते हैं पर्सनालिटी की उन खासियतों के बारे में जिन पर ध्यान देकर हम लंबी और सेहतमंद जिंदगी पा सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी इंसान द्वारा व्यक्तित्व (Character) की इन चार खासियतों पर ध्यान देने से सेहत बेहतर रहती है, उम्र में बढ़ोतरी होती है.

कर्तव्यनिष्ठ लोग लंबा जीते हैं
वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी (West Virginia College) में मनोविज्ञान (Psychology) के प्रोफेसर निकोलस टुरियानो (Nicholas Turiano) कहते हैं कि कर्तव्यनिष्ठ (conscientious) लोग लंबा जीते हैं. उनका मानना है कि कर्तव्यनिष्ठता (conscientiousness) ऐसा गुण है जो सेहत से जुड़े किसी भी रिस्क को दूर करने में मदद कर सकता है. कर्तव्यनिष्ठ लोग वर्कआउट व पोषण को लेकर मेहनती होते हैं. तनावपूर्ण स्थितियों का सामना बेहतर तरीके से कर पाते हैं, इसलिए सेहत अच्छी रहती है. मनोबल मजबूत होने से विपरीत परिस्थितियों में भी कमजोर नहीं पड़ते.

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‘उद्देश्य’ प्रेरित करता है
वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी (College of Washington) में मनोविज्ञानी (psychologist) पैट्रिक हिल (Patrick Hill) बताते हैं,‘उद्देश्यपूर्ण कामों में जुड़कर मनोभ्रम और अवसाद (delusions and despair) को भी घटाने में मदद मिलती है.’ वो बताते हैं कि उद्देश्यपूर्ण होना यानी स्पष्ट लक्ष्यों के साथ जीवन में एक दिशा होने से ऊर्जा मिलती है. जो लोग कहते हैं उनके जीवन में ‘उद्देश्य’ है, वे सेहत खराब होेने पर तेजी से रिकवर करते हैं. उनके दिमाग में आत्म-जागरुकता और फैसले लेने वाला हिस्सा ज्यादा एक्टिव होता है.

पॉजिटिव लोग ज्यादा आश्वस्त रहते हैं
येल स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (Yale Faculty of Public Well being) की मनोवैज्ञानिक (psychologist) बेक्का लेवी (Becca Levy) बताती हैं,‘जो लोग बढ़ती उम्र को सकारात्मकता के साथ स्वीकारते हैं, वे अन्य लोगों की तुलना में 7.6 वर्ष ज्यादा जीते हैं.’ वो कहती हैं कि लंबी जिंदगी के लिए पॉजिटिविटी अहम है. पॉजिटिविटी बढ़ती उम्र में लोगों को लक्ष्य पूरा करने में मदद करती है. इससे वे ज्यादा आश्वस्त रह पाते हैं.

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मुश्किलों से लड़ना आसान बनाता है बहिर्मुखी होना 
बहिर्मुखी (extrovert) होने का गुण भी उम्र में बढ़ोतरी करता है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान के प्रोफेसर सुसान चार्ल्स (Susan Charles) कहती हैं, ‘सामाजिक संबंधों और लंबी उम्र में मजबूत कड़ी है. सामाजिक रूप से सक्रिय रहने वाले अपनी परेशानियां साझा कर पाते हैं, इससे सेहत अच्छी रहती है. ऐसे लोग हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने में भी खुद को सहज पाते हैं.

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